About Rainbow in Hindi – इंद्रधनुष के बारे में दिलचस्प तथ्य

About Rainbow in Hindi

Rainbow को हिंदी में इंद्रधनुष कहा जाता है। यह देखने में बेहद ही आकर्षक और सुंदर लगता है। ज्यादातर बच्चे और महिलाओं को इंद्रधनुष बहुत ही पसंद होता है।

हिंदू धर्म मैं इससे इंद्र देवता के धनुष कहा जाता है। क्योंकि इंद्रदेव बारिश का देवता है। इंद्रधनुष बारिश के मौसम में दिखाई देते हैं यह हमेशा बारिश आने से पहले और बारिश के बाद ही दिखाई देते हैं इंद्रधनुष बारिश के छोटे-छोटे कानों से बनते हैं। और इंद्रधनुष हमेशा सूरज के उलटी दिशा में ही दिखाई देता है।

About Rainbow in Hindi Language

 इंद्रधनुष को सात रंगों का झूला भी कहा जाता है, क्योंकि इंद्रधनुष सात रंग से बनता है। इसमें लाल पीला हरा नीला गहरा नीला बैंगनी और नारंगी रंग होता है इन सभी रंगों की होने से ही इंद्रधनुष इतना आकर्षक होता है।

About Rainbow in Hindi

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Information About Rainbow in Hindi

सूरज की किरण जब बारिश के छोटे-छोटे पानी के कोने पर पड़ती है। तब पानी के वह छोटी कोने प्रिज्म की तरह काम करती है और Reflection, Refraction और Dispersion की वजह से आकाश में इंद्रधनुष बनते हैं ज्यादातर इंद्रधनुष गोलाकार होते हैं। लेकिन हम इसे हमेशा आधा ही देख पाते हैं। कभी कभी एक साथ दो इंद्रधनुष भी दिखाई देते हैं। इंद्रधनुष ज्यादातर पानी के झरनों में और समुद्र में दिखाई देता है।

Amazing Facts of Rainbow in Hindi

  1. 1637 में रेने डेकार्टेस ने पाया कि बारिश से सूरज से प्रकाश अलग-अलग रंगों में विभाजित होने के कारण इंद्रधनुष होता है।
  2. 17 वीं शताब्दी तक, पश्चिमी विचारक इंद्रधनुष पांच रंगों पर सहमत थे- लाल, पीला, हरा, नीला, और बैंगनी।
  3. 1666 में, इसहाक न्यूटन ने इंद्रधनुष में नीलि और नारंगी जोड़ा।
  4. एक इंद्रधनुष वास्तव में अस्तित्व में नहीं है। यह एक वस्तु नहीं है, यह एक ऑप्टिकल घटना है। यही कारण है कि दो लोग एक ही इंद्रधनुष नहीं देखते हैं।
  5. जब सूरज की किरण एक बार से अधिक पानी की बूंद के अंदर bounces होता  है, डबल इंद्रधनुष होती है।
  6. 14 मार्च, 1994 को इंग्लैंड के शेफील्ड पर दुनिया की सबसे लंबी स्थायी इंद्रधनुष देखी गई – यह 9 बजे से शाम 3 बजे तक चली।
  7. इंद्रधनुष mist, fog, समुद्री स्प्रे, झरने और कहीं भी हो सकती है जहां सूरज की किरण आकाश में पानी से मिलता है और कोण 42 डिग्री से होते हैं।
  8. इंद्रधनुष हमेशा सुबह और शाम को ही दिखाई देता है बहुत ही कम होता है की दोपहर में भी इंद्रधनुष बने इसका कारण यह है की इंद्रधनुष बनने के लिए सूर्य की किरण बारिश के बूंदों पर 42 डिग्री पर पढ़ना होता है लेकिन दोपहर में सूर्य की किरण 42 डिग्री से भी ज्यादा होता है।

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