Save Environment Essay in Hindi – पर्यावरण संरक्षण पर निबंध

Save Environment Essay in Hindi

पर्यावरण शब्द का अर्थ है, पेड़- पौधे, हरे-भरे वृक्षों, सुंदर फूल, लताएं जो हमारे चारों ओर है। इस पर्यावरण पर ही मानव जीवन सुरक्षित है। अगर यह पर्यावरण ना होती तो मनुष्य का जीवन संकट में पड़ जाएगा  परंतु आज मानव जाति इसकी महत्व को न समझते हुए इसकी उपेक्षा कर रहा है।

अपनी कुछ जरूरतों के कारण वे लगातार पेड़ों को काट रहा है, एवं जितने पेड़ काटते हैं उससे कई गुना कम पेड़ लगाते हैं। जिस कारण विभिन्न प्रकार के समस्याएं सामने आकर खड़ा हो रहा है। और अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में मनुष्य को कई प्रकार के कठिनाइयों का सामना करना होगा। इसीलिए या हमारी ही जिम्मेदारी है कि, हम हमारे पर्यावरण को नष्ट होने से बचाए।

तो आइए अब जानते हैं पर्यावरण के महत्व के बारे में।

Save Environment Essay in Hindi under 100 Words

पर्यावरण संरक्षण के शुरुआत 1972 में 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन से हुई थी और 5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित य दिवस पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनैतिक सामाजिक जागृति लाने के लिए मनाया जाता है।

पर्यावरण का मतलब सूक्ष्मा जीवाणु से लेकर कीड़े- मकोड़े सभी जीव- जंतु और पेड़- पौधों के अलावा उनसे जुड़े सारी जैविक क्रियाएं और प्रक्रियाएं शामिल होते हैं। जबकि पर्यावरण के जैविक संगठको मैं निर्जीव तत्व और उनसे जुड़े प्रक्रियाएं भी आती है, जैसे पर्वत, चट्टाने, नदी, हवा और जलवायु के तत्व इत्यादि। सामान्य अर्थ में यह हमारे जीवन में घटने वाले प्रत्येक घटनाओं से जुड़ी हुई है और इसी पर्यावरण को मनुष्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते जा रहे हैं।

जिसकी परिणाम स्वरूप प्रदूषण जलवायु के परिवर्तन जैसे समस्या हमारे सामने आ रहा है। इसीलिए मनुष्य अपनी जीवनशैली को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण को संरक्षण करना हर एक व्यक्ति के कर्तव्य बनती है, और हमें सबसे ज्यादा जरूरत है पर्यावरण संकट के मुद्दे को हम आम जनता एवं सुधि पाठकों को जागरूक कराएं।

Save Environment Essay in Hindi

Essay on Save Environment in Hindi under 300 Words

पर्यावरण की रक्षा करना हर एक इंसान का नैतिक कर्तव्य है, यह तो ना केवल पर्यावरण की रक्षा करना है बल्कि परोक्ष रूप से यह खुद को ही एक बड़े नुकसान से बचाना है। लेकिन आज हम इतने आगे आ गए हैं कि हम आज एक बेहतर जीवन जीने के बजाय, सिर्फ जीने के बारे में ही सोचते हैं और ऐसे ही मानव पिछले कई दशकों से अपने मातृभूमि को प्रौद्योगिकी के विकास के नाम पर नीचा दिखाते जा रहे हैं और अनजाने में अपने ही जीवन स्तर को बढ़ाने के बदले और भी अधिक बाधित करने वाले रास्ते पर लाकर खड़े कर दिए हैं। जो एक बेहतर जीवन जीने के रास्ते से हटा रहा है।

इसीलिए पर्यावरण को संरक्षण करना हमारे कर्तव्य है, इसके लिए हमें कुछ ऐसे सुझावों का इस्तेमाल करनी होगी जिसके तहत हम अपने पर्यावरण को संरक्षण कर सकते हैं। जैसे कि :- आप अपने व्यक्तिगत वाहन का उपयोग करने के बजाय सार्वजनिक परिवहन का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि ध्वनि प्रदूषण में वाहनों का बड़ा योगदान रहता है। उर्वरकों का उपयोग कम से कम करें, क्योंकि जब बारिश होती है, तब उर्वरक सब बारिश के पानी के साथ नदियों में बह कर पानी को दूषित करते हैं।

पानी को ज्यादा बर्बाद ना करें, कार अन्य वाहनों को धोने के लिए पाइप के बजाय बाल्टी का उपयोग करें, क्योंकि जब आप काम कर रहे होते हैं तब पाइप से बहता पानी बहुत सारा पानी को बर्बाद कर देता है। पंखे और अन्य बिजली के उपकरणों को बंद करके ऊर्जा का संरक्षण करें, यह आपके बिल को भी काफी हद तक कम करने में मदद करेगा। दुकान से पेपर बैग या फिर प्लास्टिक बैग लेने के बजाय घर से ही कैनवास बैग लेकर जाए और हर बार खरीदारी के बाद इसका ही पुनः उपयोग करते रहे।

पर्यावरण को बचाने के लिए ऐसी ही छोटी-छोटी चीजें हमें बहुत आगे बढ़ाने में मदद करता है।

Save Environment Essay in Hindi ( 500 Words )

पर्यावरण आसपास के वातावरण होते हैं जिनमें जीवित प्राणी रहते हैं, एवं कार्य करते हैं। एक जीव द्वारा ही पर्यावरण जीवित रहने के लिए आवश्यक हर चीज प्रदान करते हैं। इसमें शारीरिक, रासायनिक और प्राकृतिक बल शामिल होते हैं। एवं जो जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए बहुत ही आवश्यक है। पर्यावरण समय की शुरुआत से ही मानव जाति की सेवा करती आ रही है और करता रहेगा।

लेकिन पिछले कुछ दशकों से मानवजाति के हाथों से प्रकृति पीड़ित हो रही है, और इसके भुगतान भी कर रहे हैं और अगर इन असंतुलन के कारण को सही नहीं किया गया तो फिर कयामत आने से कोई रोक नहीं सकता है।

और इस समस्या पर गंभीरता से विचार करने के लिए उन संभावनाओं के बारे में विचार करना आवश्यक है जो पर्यावरणीय क्षरण के कारण उत्पन्न होगी।

Paryavaran Sanrakshan Essay in Hindi

1) अधिक जनसंख्या :- हमारे ग्रह में मानव के आबादी बहुत ही ज्यादा मात्रा में है। जिसका अर्थ है अधिक जनसंख्या, यानी के मांग ज्यादा और पूर्ति कम जो असंतुलन का पैदा करता है, और परिस्थिति की तंत्र को परेशान करता है। क्योंकि मानव अस्तित्व के लिए पक्षियों एवं जानवरों का आश्रय नष्ट होता जा रहा है यह जीवाश्म ईंधन की खपत और पर्यावरण में हानिकारक प्रभावों को भी बढ़ाता है।

2) वनों की कटाई:- मानव अपने भूमि स्थान बनाने के लिए वनों की कटाई करके उसमें सड़क और घर बना रहे हैं, इससे जंगलों में रहने वाले जानवरों और पक्षियों के आवास नष्ट होता जा रहा है, और वनों की कटाई के कारण वायुमंडल स्तर में लगातार दूषित वायु वृद्धि होती जा रही है, जिसको अवशोषित करने के लिए कोई पेड़ ही नहीं है, जिस वजह से दूषित वायु वायुमंडल में ही रहता है और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बनते हैं।

3) प्रदूषण:- बढ़ती हुई आबादी के कारण कचरे की समस्या भी बढ़ती जा रही है, जिससे वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है, प्रदूषण की स्थिति इतनी बढ़ चुकी है कि आज 2.4 विलियन लोगों को स्वच्छ पानी पीने को नहीं मिल रहा है, मानव खुद ही लगातार हवा, पानी और मिट्टी को अपूरणीय संसाधनों को प्रदूषित कर रही है! जिससे फिर से भरने के लिए लाखों साल लग जाएंगे मानव सिर्फ वायु, जल और मृदा प्रदूषण के लिए ही नहीं बल्कि ध्वनि, विकिरण और प्रकाश प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार है।

4) ग्लोबल वार्मिंग:-  इसका एकमात्र कारण है CO2 का बढ़ता हुआ स्तर ! और इसके कारण जीवाश्म ईंधन जलने से बढ़ती है। CO2 की वर्तमान तापमान 400 पीपीएम से अधिक हो गई है। 400 वर्षों से यह हर रिकॉर्ड को तोर रही है ! इसी कारण पृथ्वी के तापमान वृद्धि होती जा रही है जिससे ग्लेशियर पिघलने लगे हैं और समुद्र में पानी के स्तर धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है।

5)  बेकार वस्तुओं का अतिरिक्त उपयोग:- मनुष्य अपने मतलब के लिए प्रकृति के जीव को भी नहीं छोड़ते हैं, वह जानवरों के चमड़े से बने जूते, बेल्ट और जैकेट जैसी वस्तुओं का उपयोग करते। एवं यह सोचते ही नहीं कि इससे जानवरों पर कैसे प्रभाव पड़ेगा। इस वजह से जानवरों को काफी तकलीफ उठानी पड़ती है और तो और हम उनके नाखूनों और दांत से बने सामानों से सजावटी के काम भी करते हैं।

How to Save Environment in Hindi?
  • साइकिलिंग के काम करके हम ऐसी चीजों को दोबारा से बनाकर प्रयोग कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे शराब के खाली बोतल, अखबार, खराब कागज, गत्ता इत्यादि ऐसे सामानों को हम दोबारा बनाकर उपयोग में ला सकते हैं।
  • पर्यावरण संरक्षण को हानि पहुंचाने वाली चीजों का कम से कम उपयोग करनी चाहिए जैसे कि प्लास्टिक के बैग इत्यादि।
  • पुनरावृति भी करनी चाहिए यानी के वापस इस्तेमाल करने योग्य सामान को खरीदनी चाहिए जिसको हम वापस से उपयोग कर सकते हैं। जैसे कि कांच, कागज, और धातु के सामान को हम दोबारा से उपयोग कर सकते हैं।

Conclusion of Environmental Pollution

पर्यावरण को सुरक्षा एवं उसमें संतुलन हमेशा बनाए रखने के लिए हमें ही जागरूक और सचेतन रहना होगा। हानिकारक प्रदूषण जैसे की वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए हम सभी को ही धीरे-धीरे कोई उपाय करनी होगी। जिससे पृथ्वी की सुंदरता बनी रहे।

अगर हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखते हैं तो हम अपने जीवन को भी स्वस्थ और स्वच्छ रूप में प्राप्त कर सकते हैं। पर्यावरण को संरक्षण करना विश्व के प्रत्येक नागरिकको कि एक कर्तव्य है और इसके लिए विश्व में प्रत्येक मनुष्य को य अनिवार्य रूप से घोषित करनी चाहिए, क्योंकि पर्यावरण है तो फिर हमारा जीवन भी है।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया पर्यावरण संरक्षण पर निबंध को पढ़कर आपको पसंद आया होगा और अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों एवं परिवारों के साथ शेयर करें एवं अपने विचारों को भी दर्शाएं। ( Save Environment Essay in Hindi )

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