About Ganga River in Hindi – गंगा नदी का महत्व और इतिहास

About Ganga River in Hindi

Information About Ganga River in Hindi

अगर आप गंगा नदी के बारे में जानना चाहते हैं, तो यहां पर हम आपको बताएंगे की गंगा नदी का जन्म कैसे हुआ? गंगा नदी का इतिहास क्या है? और किसने गंगा नदी को पृथ्वी पर लाया?

गंगा भारत का सबसे पवित्र नदी है। गंगा नदी को लोग गंगा माता तथा गंगा मां से पुकारते हैं, हमारी भारतवर्ष में गंगा नदी के प्रति लोगों के मन में बेहद श्रद्धा है। गंगा को भगवान की तरह पूजते हैं और गंगा नदी के जल को अपने घर में रखते हैं और हर कार्यक्रम में गंगाजल का उपयोग करते हैं।

गंगा नदी के पानी इतना पवित्र है, कि सालों के बाद भी यह सरता नहीं है। गंगा को स्वर्ग की नदी भी कहा जाता है, लोग गंगा में नहा कर अपनी पापों के प्रायश्चित करते है। भारत में लोग यह मानते हैं, कि गंगा नदी में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और लोग पवित्र हो जाते हैं।

गंगा भारत की सबसे बड़ी नदियों में से एक है, उत्तर भारत गंगा की क्षेत्र में ही विकसित हुआ है। गंगा नदी का इतिहास बहुत ही पुराना है इससे जुड़े कई सारे पुरानी कथाएं भी है, जिनमें से हम आपको आज एक पुरानी कथा बताने जा रहे हैं।

About Ganga River in Hindi

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Ganga River History in Hindi ( About Ganga River in Hindi)

राजा बली बेहद थी पराक्रमी आग ताकतवर राजा थे, वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक बार राजा बलि ने भगवान इंद्र को यूज के लिए ललकारा भगवान इंद्र राजा बली के सेना और पराक्रम को देखकर डर गए थे की कहीं राजा बली स्वरग के राज्य को ना हत्या ले, इसीलिए इंद्र देवता भगवान विष्णु के पास मदद मांगने गए।

भगवान विष्णु ने एक ब्राह्मण का रूप लिया और राजा बली के राज्य में गए तभी राजा बली अपनी राज्य की समृद्धि के लिए योग्य कर रहे थे, तभी भगवान विष्णु ब्रह्मांड के रूप में राजा बलि के पास पहुंचे और उन्होंने राजा बली से दान मांगा। राजा कभी किसी ब्राह्मण को खाली हाथ जाने नहीं देते हैं। भगवान विष्णु ने बली से तीन कदम जमीन मांगा और बली तीन कदम जमीन देने के लिए तैयार हो गए।

जब ब्राह्मण बालक ने अपना पहला कदम बढ़ाया तब उन का पेड़ इतना बड़ा हो गया की पूरा धरती को समेट लिया और जब उन्होंने अपनी दूसरी पर बड़ा आया तब पूरी स्वरग को माप लिया, ब्राह्मण बालक ने जब बली से पूछा कि वह अपना सा कदम कहां रखें – तब बली ने कहा सुनकर तीसरा कदम बली के सर पर रखे, जैसे ही ब्राह्मण बालक ने अपनी तीसरी कदम राजा बलि के सिर पर रखा राजा बली जमीन के अंदर पाताल लोक पर चले गए जहां पर असुरों का शासन चल रहा था।

कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने अपना दूसरा पाठ आकाश में रखा तब साक्षात ब्रह्मा जी ने उनका विशाल पर भुलाया और उसी जल को गंगा नाम दिया गया इसीलिए गंगा को भगवान ब्रह्मा के पुत्री भी कहा जाता है।

रघुकुल में कई सारी पराक्रमी और वीर राजाओं का जन्म हुआ था उन्हीं में से राजा सागर एक थे पौराणिक काल में राजा महाराजा अपने राज्य की क्षेत्र बढ़ाने के लिए योग्य किया करते थे और उस योग्य के दौरान एक घोड़े को छोड़ दिया जाता था, घोड़ा जिस भी राज्य को पार करता था वह राज्य उस राजा का हो जाता था और अगर कोई घोड़े को रोक ता था उस राजा को युद्ध करना पड़ता था।

एक बार राजा सागर ने योग्य क्या और अपनी घोड़े को छोड़ दिया यह देख कर स्वर्ग के राजा इंद्र देव को भाई था कहीं घोड़ा स्वर्ग में ना आ जाए और वह घोड़े को रोक भी नहीं सकते थे क्योंकि उन्हें पता था की राजा सागर के साथ युद्ध करना संभव नहीं है। इसीलिए उन्होंने अपना भेष बदलकर घोड़े को रोका और कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया उस वक्त कपिल मुनि ध्यान में थे।

राजा सागर को जब पता चला कि उनकी घोड़े को किसी ने रोक लिया और कहीं छुपा दिया तब उन्होंने अपनी साठ हजार पुत्रों को आदेश दिया कि घोड़े को ढूंढ लाए, कई दिन ढूंढने के बाद उनकी पुत्रों ने कपिल मुनि के आश्रम में घोड़े को देखा लिया।

राजा सागर की पुत्रों ने कपिल मुनि की आश्रम में युद्ध करने के लिए गए और कपिल मुनि की ऊपर घोड़े को छुपाने का झूठा आरोप लगाया, इससे क्रोधित होकर कपिल मुनि ने राजा सागर की 60000 पुत्रों को अग्नि से जला दिया और उनकी 60000 पुत्र की आत्मा भटकने लगे उनको शांति नहीं मिल रही थी।

कई वर्ष बाद रघुकुल में राजा भगीरथ का जन्म हुआ, उन्होंने वादा दिया था कि वह अपने पूर्वजों की आत्मा को शांति देंगे और यह तभी संभव था जब उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जन किया जाए।

राजा भगीरथ की कई साल की तपस्या के बाद भगवान विष्णु ने अपना दर्शन दिया, राजा ने भगवान विष्णु से गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने की पार्थना की। गंगा बहत उग्र थे इसीलिए अगर गंगा पिक्चर में आए तो पृथ्वी पानी में डूब जाएगा।

इसीलिए भगवान विष्णु ने भगवान शिव को अपनी जटा में गंगा को बांध ने के लिए कहा, भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटा में बांध लिया और धीरे धीरे पृथ्वी में गंगा को बहा दिया।

Important Facts About Ganga River in Hindi

1) यह बहुत ही दुख की बात है की गंगा पृथ्वी की 5 सबसे दूषित नदियों में से एक है।

2) गंगा नदी की लंबाई कुल 2506 किलोमीटर है।

3) नदियों के पानी की तुलना में गंगा नदी के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा 25 परसेंट ज्यादा है।

4) गंगा नदी के पानी में बैक्टीरिया से लड़ने के लिए एक विशेष शक्ति है इसलिए गंगा नदी के पानी अनेक वर्षों के बाद भी दूषित नहीं होता है।

5) हिंदू धर्म में गंगा नदी को भगवान की तरह माना जाता है गंगा नदी का उद्गम गंगोत्री से होता है जो कि हिमालय से बहता है।

6) गंगा नदी के पानी बहती शुद्ध है दिल्ली के एक रिसर्च सेंटर में पाया गया कि गंगा नदी के पानी में मच्छर पैदा नहीं हो सकते।

7) एक ब्रिटिश रिसर्च सेंटर में पाया गया की गंगा के पानी में अगर बैक्टीरिया मिला दिया जाए तो वह 3 घंटे के अंदर ही मर जाते हैं।

 

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