Essay on Global Warming in Hindi – ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध

Essay on Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग मतलब वैश्विक तापमान का लगातार बढ़ना। ग्लोबल वार्मिंग विश्व का एक समस्या बन चुकी है। एवं वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में इसका प्रताप बढ़ता ही जाएगा, जैसे कि:- सुखा बढ़ेगा, बार की घटनाएं भी बढ़ेगी, और मौसम भी पूरी तरह से बदल जाएगा।

इसलिए आगे की भविष्य को बचाने के लिए हमें अभी से सतर्क होना होगा, और हमें ग्लोबल वार्मिंग क्या है, यह भी जानना आवश्यक है। इसलिए हम इस लेख में ग्लोबल वार्मिंग के बारे में बताने जा रहे हैं जो जानना हमारे लिए बेहद ही आवश्यक है, तो आइए अब जानते हैं ग्लोबल वार्मिंग के बारे में।

Essay on Global Warming in Hindi in 100 Words

ग्लोबल वार्मिंग, यानी के पर्यावरण में धीरे-धीरे बढ़ता हुआ तापमान। जो सूर्य के गर्मी से पृथ्वी लगातार गर्म होता जा रहा है, और इसका एक ही मुख्य कारण है, वह है पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा वृद्धि पाना। यह कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर बढ़ने का मुख्य कारण है धरती पर घटी हुई पेड़ों की संख्या जो हवा को शुद्ध करने का काम करता है।

इसी बढ़ते हुए तापमान के कारण धरती में मौसम लगातार परिवर्तन हो रहा है, जैसे ज्यादा मात्रा में तूफान का आना, बाढ़ के मात्रा बढ़ जाना, फसलों के नुकसान होने के कारण खाद्य सामग्री में कमी व कई प्रकार की बीमारियां भी बढ़ती जा रही है और इन सब से बचने के लिए हमें अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखने की बेहद जरूरी है।

Essay on Global Warming in Hindi 250 Words

ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व का एक मुख्य समस्या के विषय बनी हुई है। क्योंकि इसके कारण हमारी धरती पर तापमान की मात्रा लगातार बढ़ते जा रहा है जिस कारण भविष्य में धरती पर जीवन की संभावना कम होने का आशंका है। इसी कारण इसके समाधान के लिए जल्द ही कदम उठाना होगा, और अगर न उठाया जाए तब धरती पर जीवन का होना एक कल्पना बनकर ही रह जाएगा।

धरती के बढ़ते तापमान के कारण ही समुद्र में जल के स्तर धीरे-धीरे वृद्धि होता जा रहा है, कई तो बरसा भी प्रचुर मात्रा में होता है, और कई स्थानों पर वर्षा ना होने के कारण देश में सूखा पर रहा है। जिसके सीधे असर जाकर फसलों पर भी पर रहा है और खाद्य पदार्थों में कमी हो रहा है। पर्यावरण में भी हानिकारक गैस घुल जाने से विभिन्न प्रकार के नई-नई बीमारियां भी उत्पन्न होती जा रही है। और इन सब का असर भी सीधा भविष्य पर ही जाकर पड़ेगा जिससे जीव मंडल नाश होने का खतरा भी बढ़ जाएगा ! देखा जाए तो इसका असर अभी से ही दिखाई देने लगा है।

और इसके लिए कोई एक देश या फिर एक वर्ग ही अकेला जिम्मेदार नहीं है, बल्कि हम सबकी लापरवाही के वजह से ही हम इस नतीजे पर आ पहुंचे हैं। और हमें प्रकृति के इस रूप का सामना करना पड़ रहा है। अतः अब हम सबको मिलकर ही अपने धरती के ग्लोबल वार्मिंग को अधिक होने से और इससे होने वाले नुकसान को मिटाना होगा। और इस विषय के बारे में लोगों पर जागरूकता फैलाना भी हमारी ही कर्तव्य है ! बच्चों को इस के कुप्रभाव से अवगत कराकर उन्हें सलाह देनी होगी, ताकि वह इस समस्या से लड़ने में अपना सहयोग दे सके।

Essay on Global Warming in Hindi

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Essay on Global Warming in Hindi under 500 Words

  • What is Global Warming in Hindi?

आसान भाषा में अगर कहा जाए तो ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ है, पृथ्वी पर लगातार बढ़ता हुआ तापमान और इसके कारण होने वाले मौसम में परिवर्तन पृथ्वी के तापमान में हो रही इस वृद्धि को जो 100 सालों के औसत तापमान पर 1 डिग्री फारेनहाइट में आंका गया है, जिसके परिणाम स्वरूप बारिश में बहुत ज्यादा बदलाव, हिमखंड एवं ग्लेशियरों का पिघलना, समुद्र के जल स्तर में भी वृद्धि एवं वनस्पति और जीव जगत में प्रभाव सभी हमारे सामने आ  रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग दुनिया का कितना बड़ा समस्या है, यह बात समझना एक आम आदमी के लिए मुश्किल है। जिस शब्दों को सुनकर वह उसे एक टेक्निकल समस्या ही समझता है और इसी कारण वह इस बात की तह तक नहीं जाता है ! लिहाजा इस को एक वैज्ञानिक परिभाषा मानकर और समझ कर छोड़ देता है। और तो और ज्यादातर लोगों को तो यह लगता है कि फिलहाल इससे संसार में कोई भी खतरा नहीं होगा।

हमारे भारतवर्ष में भी ग्लोबल वार्मिंग को ज्यादा महत्व ना देना ही देखा जाता है। लेकिन विज्ञान की दुनिया में तो ग्लोबल वार्मिंग को 21वीं शताब्दी का सबसे बड़ा खतरा बताया जा रहा है, और इसकी तुलना तृतीय विश्वयुद्ध या फिर पृथ्वी के साथ शुक्र ग्रह का टकराने से भी बड़ा माना जा रहा है।

  • Greenhouse Effect and Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग के वजह है, पृथ्वी पर होने वाले जलवायु के परिवर्तन, जो सबसे अधिक जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैस से है। ग्रीन हाउस गैस गैस होते हैं जो बाहर की गर्मी या फिर उस्मा को अपने अंदर खींच लेता है। ग्रीन हाउस गैसों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण गैस कार्बन डाई ऑक्साइड होते हैं। जिसे हम अपने सांसों के साथ उत्सर्जन कर देते है।

पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी में वायुमंडल पर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है, एवं पृथ्वी के वातावरण में भूलकर यहां का तापमान बढ़ने का कारण बन रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार इन गैसों का उत्सर्जन अगर इसी तरह से चलता रहा तो 21वीं शताब्दी में पृथ्वी का तापमान 3 डिग्री से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा ! और अगर ऐसा ही होता रहा तो फिर इसका परिणाम बहुत ही घातक हो जाएगा।

जैसे दुनिया के कोई हिस्से में बर्फ की चादर बिछ जाएगी, समुद्र की जल स्तर बढ़ जाएगा और समुद्र के जलस्तर बढ़ जाने से दुनिया के कई हिस्से जल के नीचे लीन हो जाएगा, ऐसे ही कई समस्याओं की सामना करना पड़ेगा हमें। जो हमारे लिए बहुत ही हानिकारक सिद्ध होगा।

ग्लोबल वार्मिंग के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार तो मनुष्य और उनकी गतिविधियां ही है और जिसका परिणाम है विनाशकारी, मानव अपने विकास और प्रगति में अंधे होकर धीरे-धीरे प्रकृति से दूर होती जा रही है। वे अपने स्वार्थ के लिए नदियों की धाराओं में अवरूद्ध करते जा रहा है। संसाधनों को इकट्ठा करने के लिए पेड़ और जंगलों को नष्ट करते जा रहा है।

औद्योगिक क्रांति की वजह से कोयले, तेल, और करोड़ों वाहनों को चलाने के वजह से प्रदूषण भी बढ़ती जा रही है। जिस कारण हमारी पृथ्वी असामान्य रूप से प्रदूषित होती जा रही है।

ग्रीन हाउस गैस ऐसा गैस है, जो पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करके यहां का तापमान बढ़ाने का कारक बनती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा ही अगर इन गैसों का उत्सर्जन चलता रहा तो पृथ्वी का तापमान काफी बढ़ जाएगा, और जिसका परिणाम बेहद ही घातक होंगे।

दुनिया में जो बिछी हुई बर्फ के चादर है वह भी पिघल जाएंगे।उस वजह से समुद्र के जलस्तर कई फीट ऊपर तक बढ़ जाएगा, इस वजह से दुनिया के कई हिस्से जलमग्न हो जाएंगे एवं भारी तबाही मचाएंगी  और यह तबाही हमारे पृथ्वी के लिए बहुत ही हानिकारक हो जाएगी।

How to Prevent Global Warming in Hindi?

ग्लोबल वार्मिंग हम मानव द्वारा ही विकसित प्रक्रिया है, क्योंकि कोई भी परिवर्तन बिना किसी चीज को स्पर्श के बगैर अपने आप नहीं हो सकता है। इसलिए हम जिस प्रकार ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने का काम कर रहे हैं, उसी प्रकार हम सब मानवों को मिलकर ही इस पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाना बेहद आवश्यक है और इसके लिए हमें कई प्रकार के प्रयास करना होगा —

  1.  जंगलों की कटाई को हमें रोकना होगा। हम सभी अगर अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे तब ही ग्लोबल वॉर्मिंग के असर को कम किया जा सकता है।
  2. यह जिम्मेदारी ना केवल सरकार की ही है, बल्कि हम सभी को ही पेट्रोल, डीजल जैसे ईंधन और बिजली के उपयोग कम से कम कर के हानिकारक गैसों को कम करना होगा।
  3. सभी देशों को Kyoto Protocol संधि का पालन करना होगा।
  4. टेक्निकल डेवलपमेंट से भी इससे निपटा जा सकता है। इसके लिए हमें ऐसे रेफ्रिजरेटर बनाना होगा जिनमें सी एफ सी का इस्तेमाल ना होता हो और ऐसे वाहन बनाना होगा जिनमें से कम से कम धुआ निकलता हो।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया ग्लोबल वार्मिंग के निबंध को पढ़कर आपको पसंद आया होगा और अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों एवं परिवारों के साथ शेयर करें। एवं अपने विचारों को भी दर्शाएं। ( Essay on Global Warming in Hindi )

धन्यवाद

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