Essay on Holi in Hindi -रंगो के त्योहार होली पर निबंध

Essay on Holi in Hindi

होली हिंदुओं का एक प्रमुख त्यौहार होता है, लेकिन इस रंग बिरंगा त्योहार को हर धर्म के लोग ही पूरे उल्लास एवं मस्ती के साथ मनाते हैं। प्यार भरे रंगों से सजा इस पर्व को हर धर्म, संप्रदाय और जाति के बंधन को खोल कर भाईचारे का संदेश प्रदान करता है। इसीलिए इस त्योहार का इंतजार सभी लोग करते रहते हैं। होली के त्यौहार को दो-तीन दिन तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

इस त्यौहार को पूरे भारत देश में ही बहुत हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। होली पर सभी के घरों में विभिन्न प्रकार के मिठाइयां बनाई जाती है, होली के त्यौहार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा में मनाई जाती है। होली के साथ अनेक कथाएं भी जुड़ी हुई है, और होली मनाने के एक रात पहले होली को जलाया भी जाता है।

एवं दूसरे दिन सभी लोग एक साथ मिलकर एक-दूसरे को रंग बिरंगे रंग लगाकर इस त्योहार को मनाते हैं  और इस दिन भारत के लोग कोई भी जात- पात को नहीं देखते हैं। बल्कि सभी एक दूसरे से गले मिलकर खूब धूमधाम के साथ होली को मनाते हैं।

Very Short Essay on Holi in Hindi ( 200 Words )

हिंदुओं का विश्व प्रसिद्ध यह त्योहार मार्च के महीने में मनाया जाता है और इस त्यौहार को मनाया जाने के पीछे पौराणिक कथाएं भी शामिल है। जिसके अनुसार हिरण्यकश्यप नाम के एक राक्षस था, और उसने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था, कि उसको कोई भी मार नहीं पाए , वरदान को प्राप्त कर वह इतना गुरुर हो गया था कि वह अपने आप को ही भगवान मानने लग गया ! एवं वह भगवान विष्णु को अपना दुश्मन मानता था।

हिरण्यकश्यप का एक छोटा सा बेटा था, जो कि भगवान विष्णु के बड़ा ही भक्त था। इस बात को लेकर हिरण्यकश्यप काफी क्रोधित थे और वे अपने पुत्र को काफी समझाने के बाद भी वे भगवान विष्णु के पूजा करना नहीं छोड़ा। इसीलिए हिरण्यकश्यप ने अपने बहन होलिका के मदद से उसको मारने की कोशिश की, होलीका जिसको आग में ना जलने की वरदान था, इसीलिए वह प्रह्लाद को लेकर जलती आग के चिता पर बैठ गई थी, परंतु भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ लेकिन होलीका उस आग में जलकर भस्म हो गई थी।

इसे ही बुराई पर अच्छाई की जीत को माना गया और होली त्यौहार का शुरुआत हुआ। इसी कारण वर्तमान में लोग अब जगह जगह पर होली के 1 दिन पहले होलिका दहन करते हैं। होलिका के दहन करने के लिए घास फूस और सूखी लकड़ियां साथ में गोबर के कंडे का इस्तेमाल भी किया जाता है।

होलिका दहन करने से पहले सारी महिलाएं एक साथ मिलकर होली की पूजा करती है ! फिर उसके बाद होलिका दहन किया जाता है। होली के दूसरे दिन सभी मौज मस्ती के साथ एक दूसरे को रंगो गुलालओं के साथ एक दूसरे को रंग लगाते हैं। वृंदावन में तो फूलों की होली भी खेली जाती है, एवं सभी लोग एक साथ मिलकर होली का आनंद उठाते हैं।

Essay on Holi in Hindi

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Essay on Holi in Hindi for Class 7 ( 300 Words )

होली रंगों का एक शानदार उत्सव है ! यह पर्व हर साल बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व साल के बसंत ऋतु में आता है। जो दिवाली की तरह ही सबसे ज्यादा खुशी देने वाला त्योहार है, इस त्यौहार के दौरान पूरी प्रकृति और वातावरण में बेहद ही सुंदर और रंगीन नजारा नजर आता है।

बच्चे तो इस पर्व को बड़े ही उत्सुकता के साथ इंतजार करते रहते हैं, तथा त्यौहार आने से पहले ही रंग, पिचकारी, और गुब्बारे आदि के तैयारी में जुट जाते हैं। साथ ही सड़क के चौराहे पर लकड़ी घास और गोबर के ढेर को जलाकर होलिका दहन के प्रथा को भी निभाते हैं। और महिलाएं इसके रीति से संबंधित गीत भी गाती है। जिस समय वहां के माहौल काफी खुशनुमा हो जाती है। अगले दिन सुबह का इंतजार करते रहता है। और अगले दिन सुबह होते ही लोग सामाजिक विवाद को भूलकर एक-दूसरे पर रंगों का बौछार करते हैं, साथ ही साथ स्वादिष्ट पकवान और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार करते हैं।

होली का त्योहार जितने ही निकट आते रहते हैं तब तब ही हम नए उत्साह से आंतों प्रोतों होने लग जाते हैं। इस पर्व के मौके पर सभी अपने प्रिय जनों के साथ मिलते हैं, रंग और अबीर से होली के त्यौहार को खेली जाती है साथ ही कई सारी क्रियाओं में भी भाग लिया जाता है। जो एक दूसरे को खुशी प्रदर्शित करता है, इसी तरह से ही होली रंगों के इस त्यौहार पर अपनों के संग खुशियां मनाते हैं।

इसके अलावा होली को हमारे देश में राष्ट्रीय त्योहार की तरह ही मनाया जाता है, इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय, बैंक, और दूसरी सभी संस्थान बंद रहते हैं। ताकि सभी लोग अपने परिवार एवं दोस्तों के साथ इस त्यौहार का लुफ्त उठा पाए, यह एक ऐसा त्यौहार होता है जो लोगों के बीच के सारे मतभेद को दूर कर देते हैं।

Essay on Holi in Hindi for Class 10 ( 500 Words )

हमारे भारतवर्ष त्योहारों का देश है, इसीलिए यहां पर प्रत्येक दिन को एक त्योहार के रूप में ही मनाया जाता है और भारत में हिंदू धर्म के लोगों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर बहुत त्यौहार मनाया जाता है। होली का त्यौहार भी ऐसी ही एक त्योहारों में से एक है। लेकिन इस त्यौहार का अपना एक अलग ही पहचान है। होली के त्यौहार को तो हजारों वर्षों से मनाया जाता है और होली के त्यौहार को कृष्ण की रासलीला में भी जिक्र किया गया है। एवं भगवान श्री कृष्ण को भी होली का त्योहार बहुत ही अधिक प्रिय था। होली के त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। साथ ही साथ य त्योहार आनंद और मिला- प्रीति के प्रतीक भी है।

History of Holi in Hindi

होली एक खुशी एवं सौभाग्य के उत्सव है। जो सभी के जीवन में वास्तविक रंग और आनंद लेकर आता है। रंगों के माध्यम से सभी के बीच की दूरियां मिट जाती है ! इस महत्वपूर्ण उत्सव को मनाने के पीछे प्रह्लाद और उसकी बुआ होलिका से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार काफी वक्त पहले एक राजा था हिरण्यकश्यप, वह होलिका के भाई और प्रह्लाद के पिता थे, उसे एक वरदान मिला था कि उसको कोई भी इंसान या जानवर, ना ही किसी अस्त्र या शस्त्र से, ना घर के बाहर ना अंदर, ना दिन में ना रात में मार सके, और इसी असीम शक्ति के वजह से ही हिरण्यकश्यप को घमंड हो गया था। और भगवान के बजाय खुद को ही भगवान समझने लगा था, वह अपने पुत्र सहित सभी को अपनी पूजा करने का आदेश देता था।

और उसके खौफ के वजह से सभी लोग उसकी पूजा करने लग गया। परंतु प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था, पुत्र के इस बर्ताव से चेढ़कर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन के साथ मिलकर उसे मारने की योजना की। उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने का आदेश दिया, लेकिन आग में ना जलने का वरदान पाने वाले होलिका को आग ने भस्म कर दी, वहीं दूसरी और भक्त प्रह्लाद को अग्निदेव ने छुआ तक नहीं, उसी समय से ही हिंदू धर्म के लोग होलिका के नाम पर होली उत्सव की शुरुआत की। और इसे हम सभी बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी देखते हैं। रंग बिरंगी होली के 1 दिन पहले ही होलिका को जलाया जाता है।

और सभी इस उत्सव को गीत -संगीत एवं खुशबूदार पकवान और रंगों में रंग के सभी इस दिन को मनाते हैं और उस दिन सरकारी सभी संस्थान भी बंद रखा जाता है। जिससे कि लोग इस खास दिन को एक दूसरे के साथ आनंद से मना सके।

How to Celebrate Holi in Hindi?

होली के पर्व को भारत के अलावा भी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मोरिशियस, नेपाल, और भूटान जैसे देशों में भी खूब धूमधाम से मनाई जाती है ! होली के त्यौहार की तैयारी कई दिनों पहले से ही होनी शुरू हो जाती है। बाजारों में मानो रौनक आ जाती है। एवं बाजार रंग बिरंगी रंगों से सज जाती है। होली मनाने के लिए लोग नए कपड़े खरीदते हैं और खूब सारी मिठाइयां भी खरीदते हैं। होली के दिन सब लोग एक जगह को चिन्हित कर लेते हैं और वहां पर ही होली जलाई जाती है।

संध्या के समय महिलाओं द्वारा होली के पूजन की जाती है लौटे पर जल लेकर अर्पण किया जाता है। इसके बाद शुभ मुहूर्त देखकर होलिका का दहन किया जाता है। होलिका दहन होते समय कुछ लोग इसमें मीठे व्यंजन भी डालते हैं और प्रत्येक लोग अपनी प्रथा के अनुसार होलिका दहन में वस्तु ये डालते हैं।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार होली का कोहर जिस दिशा की ओर जाता है उस दिशा में उस साल बहुत अच्छी फसल होती है। होलिका दहन के पश्चात सभी लोग एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं एवं मिठाइयां बांटते हैं।

Importance of Holi Festival in Hindi

1) होली का ऐतिहासिक महत्व= होली के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी इसलिए लोगों को इस त्यौहार से शिक्षा मिलती है और वह है बुराई कितनी भी बड़ी क्यों ना हो अच्छाई की जीत हमेशा ही होती है। इसीलिए वह हमेशा अच्छे रास्ते को ही अपनाते हैं।

2) सामाजिक महत्व= होली एक सौहार्दपूर्ण त्योहार है जिसमें लोग वर्ष पुरानी दुश्मनी लड़ाई झगड़ा भूलकर एक-दूसरे से गले मिलते हैं। इसीलिए इस त्यौहार को दोस्ती का प्रतीक भी कहा जाता है। इस दिन समाज में ऊंच-नीच भेदभाव को भूलकर सभी एक दूसरे से गले लगते हैं।

Information About Holi in Hindi

वर्तमान में होली का रूप बदलता जा रहा है, क्योंकि युवा लोग इसके महत्व को ना समझ कर इस सौहार्दपूर्ण त्यौहार को नशे का त्यौहार बना दिया है। आजकल के युवा होली के दिन तरह-तरह के नशा करके खुद को ही गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। फिर भी वे लोग इसकी परवाह ही नहीं करता है। और उस दिन युवाओं में लड़ाई झगड़ा भी हो जाती है। लोग अब होली के दिनों दुश्मनी भुलाने के बजाय दुश्मनी बढ़ाने लग गए हैं। और तो और आजकल के युवाओं ने लोगों को रंगो के जगह पर गोबर के पानी, नाले के पानी, एवं पक्के रंगों का इस्तेमाल करके लगाने लग गए हैं। जो होली के शोभा को खराब कर देता है।

Conclusion ( निष्कर्ष )

होली के त्यौहार को भारत में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसे दोस्ती का त्यौहार कहां जाता है, तो इसे दोस्ती का त्यौहार ही बने रहने को देना चाहिए। इसे कोई अन्य रूप से देने का हमारा कोई अधिकार नहीं बनता है। इसीलिए हमें ही लोगों को जागरुक करना होगा ताकि उसके विचार बदले और सब एक साथ मिलकर इस उत्सव का आनंद उठा सकें।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया होली के निबंध को पढ़कर आपको पसंद आया होगा और अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों एवं परिवारों के साथ शेयर करें। एवं अपने विचारों को भी दर्शाएं।

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