Essay on Nari Shakti in Hindi ( Women Empowerment) – महिला सशक्तिकरण पर निबंध

Essay on Nari Shakti in Hindi

Women Empowerment in Hindi

आज हम नारी शक्ति, यानी ( महिला सशक्तिकरण ) के बारे में जानेंगे ।

नारी शक्ति के बारे में जानने से पहले हमें यह समझना आवश्यक है की – नारी शक्ति का वास्तविक मतलब क्या है ! नारी शक्ति मतलब महिलाओं की उस क्षमता है, जिसके कारण उनमें वह योग्यता आती है जिससे वह अपने जीवन से जुड़े सभी निर्णय खुद ले सकती है ।

नारी अगर अपना कदम उठा लेती है तो परिवार आगे बढ़ता है , गांव आगे बढ़ता है, और राष्ट्र भी विकास की ओर बढ़ता है ।

Essay on Nari Shakti in Hindi

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Essay on Nari Shakti in Hindi Under 100 Words

नारी को हम प्राचीन काल से ही शक्ति के प्रतीक मानते आए हैं । तब से लेकर आज तक ऐसे कई उदाहरण हमें देखने के लिए मिले हैं, जिससे हम नारी को एक शक्ति कहते हैं।

देखा जाए तो नारी स्वभाव से बहुत ही अच्छी होती है, लेकिन कोई भी व्यक्ति नारी पर अत्याचार करते हैं तो वे अपना विकराल स्वरूप धारण कर लेती है और वह उस दुष्ट की नाश करके ही छोड़ते हैं। नारी मां का स्वरूप होती है। वास्तव में हमारे समाज में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है ! लेकिन कुछ लोगों ने नारी को आज भी तुच्छ या फिर कमजोर साबित करते रहते हैं। यह उन लोगों की सबसे बड़ी भूल है। क्योंकि नारी आज के जमाने की सबसे बड़ी शक्ति है।

Essay on Nari Shakti in Hindi Under 200 Words

लिंग असमानता भारत की मुख्य सामाजिक मुद्दा है। जिसमें महिलाएं पुरुषवादी प्रमुख देश में पीछे जाने के लिए मजबूर हो रही है। जिस प्रकार से किसी रथ को ठीक से चलने के लिए दोनों पहियों की जरूरत होती है , ठीक उसी प्रकार महिलाओं को समाज में सशक्त करना आवश्यक होती है ।

महिला शक्ति को साधारण रूप से इस प्रकार समझा जा सकता है । महिला शक्ति का तात्पर्य यह है कि महिलाओं की शक्तिशाली होने की ही बात की गई है। जिसमें महिलाएं अपने जिंदगी से संबंधित हर एक फैसला खुद ले सके , तथा समाज में सर ऊंचा करके रह सके ।

महिलाएं अगर अपने समाज में खुद की पहचान बनाए रखने में सक्षम हो सकती है तो इसे भी हम नारी शक्ति की ही प्रतीक मानते हैं ।
भारतवर्ष एक पुरुष प्रधान देश है, जिसके लिए पुरुषों पर आर्थिक दायित्व तथा महिलाओं के लिए अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालना होती है। एवं साथ ही साथ महिलाओं के लिए कुछ पाबंदिया भी होती है। भारत की लगभग 50% आबादी महिलाओं की है। और देश के विकास में भी इनका योगदान अति अवश्य माना गया है। परंतु भारत की महिलाएं अभी भी पूर्ण रूप से सशक्त हो नहीं पाई है , क्योंकि उन्हें कई प्रकार के पाबंदी यो से बंधा रखा गया है। अतः राष्ट्र में सुधार एवं विकास के लिए नारी शक्ति का आवश्यक अति महत्वपूर्ण है। और नारी शक्ति को हमें सम्मान भी देनी चाहिए।

Essay on Nari Shakti in Hindi Under 500 Words ( Nari Sashaktikaran)

नारी के गुणों के बारे में अगर बात किया जाए तो – वे स्वभाव से बहुत ही सरल और मीठे स्वाभाव की होती है। उनके अंदर काफी गून भी देखने को मिलते हैं। नारी के अंदर सहनशीलता बहुत ही ज्यादा होती है। हम यदि गौर से देखें तो नारी में हमें एक बात यह भी देखने को मिलता है- की नारी बचपन से लेकर बुढ़ापे तक सब कुछ सहन करती जाती है, वह किसी को जवाब भी नहीं देती। बचपन से ही नारी को यह बात समझाया जाता है।

इसलिए शादी के बाद भी ससुराल में सबकी हर एक बात मानकर चल सकती है। इसके अलावा नारी में संघर्ष करने का गुण भी होती है ! अगर वह कुछ कार्य को पूरा करने के लिए ठान ले तो आसानी से पीछे हटती नहीं। वे उस कार्य के सफलता को प्राप्त करने के लिए लगातार संघर्ष करती रहती है। यही गुण नारी के अंदर विद्यमान होती है। नारी के अंदर धैर्य बहुत अधिक होता है , परंतु य हद से ज्यादा बढ़ जाए तो , यानी कोई उसे ज्यादा तंग करे तो फिर नारी – शक्ति, का रूप ले लेती है , और इस शक्ति रुपी नारी को देख कर अच्छे अच्छों को भी पीछे हटते हुए नजर आते हैं।

पहले जमाने से लेकर आज की नारी की अगर बात की जाए तो, हम देख सकते हैं कि पहले के जमाने में भी बहुत ऐसी नारियों ने जन्म लिया है जिन्होंने नारी को कमजोर ना समझते हुए अपने आप को साहस पूर्ण एवं निडर होकर बुराई का सामना किया , और अच्छे अच्छों की छक्के छुड़ा दिए। लेकिन पहले की नारी थोड़ी कमजोर भी थी। जैसे कि हम जानते हैं पहले जमाने में नारी संबंधित कई कुप्रथा प्रचलित थी, इसके अलावा भी- पर्दा प्रथा, नारी शिक्षा पर जोड़ ना देना , नारी को केबल घर गृहस्ती के कार्य में ही नियोजित करना, या फिर अपने खुद के निर्णय लेने का अधिकार ना देना। यही पावन दिया पहले जमाने में हम देखते थे।

लेकिन बदलते जमाने में इस आधुनिक युग में कुछ हद तक इस तरह की कुप्रथा बंद होती हुई हमें नजर आ रही है। और नारी को कमजोर नहीं बल्कि एक शक्तिशाली नारी के रूप में देखने को मिल रहा है। जैसे कि आज की नारियों को हम हरे क्षेत्र में भाग लेते हुए नजर आते हैं।
आज नारी पुरुषों की तरह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनती नजर आ रही है। और तो और देश की प्रधानमंत्री भी एक नारी ही रह चुकी है ।आजकल तो देश की हर क्षेत्र में हमें नारी ही मुख्यमंत्री होती हुई नजर आ रही है।

Women Empowerment Essay in Hindi ( Mahila Sashaktikaran )

वास्तव में नारी पुरुषों से बिल्कुल भी कमजोर नहीं है। नारी देश की सबसे बड़ी शक्ति है और आने वाले समय में नारी सबसे आगे बढ़ेगी। यही सत्य है।

लेकिन दुख के साथ हमें यह कहना पड़ रहा है कि, हमारे देश भारत में आज भी नारी सुरक्षित नहीं है। नारी पर कई तरह के अत्याचार भी किए जाते हैं हमारे भारत देश में। भारत में नारियों को सशक्त बनने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकार एवं मूल्य सम्मान देना आवश्यक है। भारतवर्ष में नारी अधिकारों को नाश करने वाले उन नीच सोच को ही हमें जड़ से नाश करना जरूरी है। जैसे कि दहेज प्रथा , यौन हिंसा , अशिक्षा, असमानता, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, आदि मिटाना चाहिए ! जिसके कारण राष्ट्र में संस्कृति सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जिससे हमारे देश पीछे पढ़ने की संभावना रखती है।

नारी शक्ति करण के सपनों को अगर सच कर्णी हो तो- लड़कियों की महत्व एवं उनकी शिक्षा की ओर ध्यान देना एवं प्रचारित करना जरूरी है। इसके साथ ही हमें नारी के प्रति हमारी सोच को भी विकसित करना होगा। तभी नारी शक्ति को उसकी सम्मान एवं सही मर्यादा प्राप्त होगी और यह हम सबका कर्तव्य है कि नारी शक्ति को हम सम्मान के साथ ग्रहण कर ले ।

-: जब है नारी में शक्ति सारी, तो फिर क्यों नारी को कहे बेचारी :-

नारी शक्ति (नारी सशक्तिकरण) के बारे में यह छोटी सी निबंध ( Essay on Nari Shakti in Hindi ) पर कर आप सभी को पसंद आया होगा यही आशा रखते हैं !(Nayana Dasgupta, Artika Shukla Age)(My Mother Essay)

धन्यवाद

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