Essay on Nature in Hindi – प्रकृति पर निबंध

दोस्तों, प्रकृति वह है जींस में सुंदरता विराजमान रहती है। एवं धरती ही एक मात्र ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन की धारा बहती रहती है। इस जीवन रूपी धारा को ही प्रकृति कहा जाता है। प्रकृति ही जीवन के लिए अवश्यकिया संसाधनों को पूर्ति करती है। जैसे कि सांस लेने के लिए वायु, पीने के लिए जल, और पेट भरने के लिए खाद्य सामग्री।

परंतु इंसान अपनी और अधिक चाहत के लिए प्रकृति को दहन करते जा रहा है। और इस धरती को प्राकृतिक सौंदर्य से वंचित कर रहा है। समय हमें चेतावनी दे रहा है कि यदि हमने अभी इस विषय पर ठोस कदम न उठाएं तो वह दिन दूर नहीं जब इस धरती पर जीवन होना असंभव हो जाएगा। तो चलिए अब इस सुंदर प्रकृति के बारे में चर्चा करते हैं।

Essay on Nature in Hindi under 100 Words

व्यापक अर्थ में अगर प्रकृति की बात की जाए तो, प्रकृति- प्राकृतिक, भौतिक या प्रार्थी व जगत या ब्रह्मांड है। “प्रकृति” का संदर्भ में भौतिक जगत के दिग विषय से हो सकता है, ऑल सामान्यत: जीवन से भी हो सकता है। प्रकृति का अध्ययन, विज्ञान के अध्ययन का एक बड़ा हिस्सा है। एवं मानव भी प्रकृति का ही हिस्सा है, मानव क्रिया को प्राय: अन्य प्राकृतिक दिग्विषय से अलग श्रेणी के रूप में समझा जाता है।

मानव एवं पशु -पक्षी आदि सभी जीव प्रकृति की ही तो देन है। मानव अपनी विकास की ओर बढ़ता जा रहा है। परंतु वह प्रकृति को अनदेखा कर रहा है। मानव यह भूल रहे हैं की प्रकृति मानव की चीर सहचरी रही है। लेकिन मनुष्य स्वार्थ वर्ष के संतुलन को बिगाड़ रहा है, जो कि वह भी आने वाली पीढ़ी के लिए घातक बन सकती है।

Essay on Nature in Hindi Under 300 Words

प्रकृति, जो हमें इतना कुछ देती है, जो कि हम सोच भी नहीं सकते! इस धरती पर जीवन, प्रकृति के कारण ही संभव है। ब्रह्मांड में और भी कई ग्रह तो है लेकिन वहां पर इस प्रकृति ना होने के कारण वहां जीवन संभव हो नहीं पाए। इस प्रकार प्रकृति हमारे जीवन का आधार है। धरती पर हर स्थान पर प्रकृति एक जैसी नहीं है। स्थान के अनुसार प्रकृति अपना रूप – रंग बदल लेती है , और उस स्थान के अनुसार हमें संसाधन उपलब्ध कराती है। साथ ही हमारे मन, हमारे आंखों को सुकून प्रदान करती है।

हमारे आस-पास इतनी सुंदर और आकर्षित प्रकृति है जो हमें खुश रखने के लिए और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक प्राकृतिक पर्यावरण उपलब्ध कराती है। हमारे प्रकृति हमें कई प्रकार के सुंदर फूल, आकर्षक पक्षी, जानवर, हरे बनस्पति, नीला आकाश, भूमि, समुद्र, जंगल, पहाड़, पठार आदि प्रदान करती है। हमारे स्वस्थ जीवन के लिए ईश्वर ने हमें एक बेहद सुंदर प्रकृति बना कर दी है। जो भी चीजें हम अपने जीवन के लिए इस्तेमाल करते हैं वह प्रकृति की ही तो संपत्ति है जिसे हमारे जरूरतों के लिए सहेज कर रखना अति अवश्यकिया है।

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प्रकृति हमें इतना कुछ देती है, तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम भी इसके महत्व को जानते हुए इस का सम्मान करें और इसे अपने लालच के लिए उजाड़ए नहीं। जिस कारण मनुष्य की संताने भी इसकी सुंदरता का आनंद ले सके और इसका लाभ उठा सकें अन्यथा एक दिन ऐसा होगा जब इस प्रकृति के सौंदर्य को लोग अपने कंप्यूटर पर ही सिर्फ देख और महसूस कर पाएंगे।

इस प्रकृति में जब तक संतुलन है तभी तक हमारे जीवन में भी संतुलन बनी रहेगी। जहां इस प्रकृति का संतुलन खराब होगा वही हमारे जीवन का संतुलन भी डगमगाने लगेगा ! यह जो धरती हमें इतनी सुंदर लगती है, वह एकमात्र इस प्रकृति के कारण ही है। अन्यथा अगर यहां पर प्रकृति मौजूद ना होता तो यह धरती भी एक निर्जन ग्रह के अलावा कुछ न होता।

Essay on Nature in Hindi under 600 Words

जैसे कि पहले भी कहा गया है, कि मनुष्य का जीवन पूरी तरह से प्रकृति पर ही निर्भर होता है। हम अपनी आवश्यकता के लगभग सभी चीजें प्रकृति से ही प्राप्त करते हैं। लाखों वर्षों पूर्व जब मनुष्य का ज्ञान एक पशु के भाती था तभी मनुष्य जीवन के लिए अवश्यकिया सभी चीजें प्रकृति से ही प्राप्त किया करते थे। आज जब हम विज्ञान की ऊंचाइयों को छू रहे हैं तब भी हमारी आवश्यकता की पूर्ति प्रकृति से ही होती है। प्रकृति को माता इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह हमारा पालन पोषण करती है। अनंत काल से ही प्रकृति हमारी सहचरि बनकर हमारा ध्यान रख रही है। प्रकृति में मनुष्य जीवन का इतना महत्व होते हुए भी हम अपने लालच के कारण उसका संतुलन दिन-ब-दिन बिगाड़ रहे हैं।

धरती पर जीवन का आरंभ और जीवन को चलाए रखने का काम प्रकृति की बड़ी ही पेचीदा प्रक्रिया है। इस प्रकृति ने जो कुछ भी पैदा किया है वहां फिजूल का कुछ भी नहीं है। हर चीज का अपना ही एक महत्व होता है। वनस्पति से लेकर जीवाणुओं, कीड़े – मकोड़ों और मानव तक की जीवन प्रक्रिया को चलाए रखने में अपना अपना योगदान सभी कर रहा है।

मनुष्य के जीवित रहने के लिए प्रकृति में हवा और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहना चाहिए। इसके साथ साथ अनेक प्रकार के जीव जंतु व वनस्पतियां भी बनी रहनी चाहिए। समस्त भोजन मिट्टी के अंदर छुपा रहता है जिसे खाद्य पदार्थ के रूप में निकलने का काम वनस्पति ही करती है। जिसमें सूर्य की किरणें उसको मदद करती है। वनस्पति जैसे घास, पत्ता, फल, फूल को खाकर मांसाहारी जीव जिंदा रहते हैं। अंत में जीवो के मृत शरीर मिट्टी के अंदर सरकर उसकी उपजाऊ शक्ति को बनाए रखते हैं, उस उपजाऊ मिट्टी में फिर से वनस्पति पैदा होती रहती है, और इसी प्रकार चक्र घूमता रहता है।

Essay on Nature in Hindi

वनस्पति तेज बारिश में मिट्टी कटाव को रोकती है और बारिश लाने और मौसम चक्र को ठीक-ठाक बनाए रखने में मदद करती है। वनस्पति पानी को अपनी जड़ों में रोककर पूरा साल बहने वाली नदी नालों के जल को संरक्षित करने का काम भी करती है।और अशुद्ध वायु को खा कर खुद बढ़ती है और अन्य जीवों के लिए शुद्ध वायु ऑक्सीजन वातावरण में छोड़ती रहती है। दूसरे शब्दों में वनस्पति सारे जीवन चक्र को चलाने में सबसे केंद्रीय भूमिका निभाती है। इसी प्रकार से ही हम पाते हैं प्रकृति का अमूल्य धन। प्रकृति में मौजूद हर चीज का अपना महत्व है और वह हमारे जीवन को प्रभावित करती है। यदि कोई एक चीज भी नष्ट हो जाए तो उसका प्रभाव पूरे जीवन चक्र पर पड़ता है। मनुष्य इस बात को समझ ही नहीं पा रहे हैं।

सृष्टि कर्ता ने मनुष्य को आज सीमित क्षमता इसलिए नहीं दी है कि वह उसकी रचना को बदल देने का प्रयास करें। आज तो कई क्षेत्र में ऐसा ही हो रहा है। व्यापक विनाश का सामान जुटाने से लेकर मनुष्य नियती की सत्ता को ही चुनौती देने लगा है। प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जीव जंतुओं के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश की जा रही है। बनो का तेजी से विनाश हो रहा है, उद्योगों की स्थापना तथा ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के लिए प्रकृति के असंतुलन के खतरे का भी परवाह नहीं कर रहे हैं। इसके शुरुआती दुष्परिणाम मनुष्य के साथ जीव जंतुओं के बढ़ते संघर्ष के रूप में देखा जा सकता है।

प्रकृति के असंतुलनता के कारण ही आज मौसम बदलता जा रहा है। एवं उसका नतीजा बहुत ही भयावह रूप ले रहा है। यदि प्रकृति का व्यवहार इस तरह से ही अप्रत्याशित होता गया तो भविष्य में ना कृषि हो पाएगी और ना ही उद्योग चल पाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधन भी अब धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। मनुष्य की इस तरह अनियंत्रित व्यवहार के कारण हो सकता है कि भविष्य में आने वाले हमारे नए पीढ़ी को इसका उपयोग करने का मौका ही ना मिल पाए। अत: आज हमारे यह कर्तव्य है कि हम हर हाल में उन गतिविधियों पर रोक लगाए जिससे हमारे प्रकृति के संतुलन बिगड़ता जा रहा है। तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ी को एक सुंदर और सुरक्षित भविष्य दे पाएंगे।

Steps to Save Environment in Hindi

प्रकृति को संरक्षण करके रखने के लिए कुछ मुख्य चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है, और वह निम्नलिखित है।

1) पेड़ों की कटाई बंद करना चाहिए।

2) वृक्षारोपण करके मृदा अपरदन को रोक सकते हैं।

3) हमें अपने आसपास की प्रकृति को स्वच्छ रखने में अपना पूर्ण योगदान देना चाहिए।

4) सभी प्रकार के पर्यावरण के प्रदूषण को रोकने के लिए जरूरत के सभी कदम उठाने होंगे।

5) हमें प्रकृति के देन का सम्मान करना चाहिए और प्रकृति के उपयोगी पदार्थों को नियम अनुसार ही खर्च करना चाहिए।

तो दोस्तों प्रकृति पर या निबंध ( Essay on Nature in Hindi ) पढ़कर आपको कैसा लगा। अगर अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं, और आपके विचारों को भी प्रदर्शित करें। ( Essay on Nature in Hindi )

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