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Hidimba Devi Mandir | मनाली में स्थित माता हिडिम्बा देवी मंदिर की जानकारी

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मनाली में वैसे तो बहुत से खूबसूरत पर्यटल स्थल हैं, जहाँ पर्यटक आना पसंद करते हैं। उनमे से एक स्थल “हिडिम्बा देवी मंदिर” है, जो मनाली के ढुंगरी शहर के पास स्थित है। इस मंदिर को मनाली के लोकल लोग “ढुंगरी मंदिर” के नाम से भी जानते हैं। आज हम इस ब्लॉग में हिडिम्बा देवी मंदिर से सम्बंधित सभी जानकारियों को आपसे साझा करेंगे। हिडिम्बा देवी को मनाली की “कुल देवी” के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर बहुत ही सुन्दर पहाड़ पर देवदार के पेड़ो के बीच में बना हुआ है। यह मंदिर बर्फवारी के दौरान किसी स्वर्ग की तरह दिखाई देता है।

हिडिम्बा देवी मंदिर में घूमते हुए पर्यटक

इस ब्लॉग के माध्यम से हम हिडिम्बा देवी मंदिर से सम्बंधित जितनी भी जानकारी हैं उन्हें आपसे साझा करेंगे। तो ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़े और मंदिर से सम्बंधित और जानकारी जानने के लिए हमसे कमेंट के माध्यम से जुड़े। तो आईये जानते हैं की यह मंदिर कहाँ है? क्या है इस मंदिर का इतिहास? हिडिम्बा कौन थी? आदि ऐसी सभी जानकारियों को…

हिडिम्बा देवी मंदिर कहाँ है? (Where is Hidimba Devi Temple?)

हिडिम्बा देवी मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी के शहर कुल्लू से 40 किलोमीटर दूर मनाली में स्थित है। यह मंदिर मनाली में मॉल रोड से 1.5 किलोमीटर की पैदल दूरी पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको मॉल रोड की मुख्य सड़क से कुछ मीटर का सीढ़ियों द्वारा ट्रेक करना होता है। जिसे करने में आपको मुश्किल से 15 से 20 मिनट लगेंगे।

शार्ट जानकारी (Short Information)

जगह (Location)हिडिम्बा देवी मंदिर (Hidimba Devi Mandir)
पता (Address)मनाली मॉल रोड से 1.5 किलोमीटर (1.5 Km from Manali Mall Road)
प्रसिद्ध (Famous)मनाली की कुल देवी और मंदिर की आकर्षक बनावट (Attractive Structure & Kul Devi of Manali)
निकट एयरपोर्ट (Nearest Airport)भुंतर एयरपोर्ट (Bhuntar Airport)
निकट रेलवे स्टेशन (Nearest Railway Station)जोगिन्दर नगर रेलवे स्टेशन (Joginder Nagar Railway Station)

हिडिम्बा कौन थी? (Who was Hidimba?)

मनाली में स्थित हिडिम्बा देवी मंदिर “माता हिडिम्बा” को समर्पित है। माता हिडिम्बा को महाभारत काल के पात्र पांडव में से भीम की पत्नी के रूप में जाना जाता है। हिडिम्बा एक राक्षसी थी, जिसने प्रतिज्ञा ली थी की जो भी उसके भाई को हराएगा वह उसी से विवाह करेगी। पांडवो के वनवास के दौरान भीम ने हिडिम्बा के भाई का वध किया, जिसके फलस्वरूप हिडिम्बा ने भीम से शादी की।

हिडिम्बा एक अच्छी शासिका थी और उसे अपनी कुल देवी पर बहुत विश्वास था। उसने अपने अंत के समय में अपने राज्य का भार अपने बेटे घटोच्कच को देकर जंगल में तपस्या करने के लिए निकल गयी। हिडिम्बा की भक्ति को देखकर ही हिडिम्बा की कुल देवी ने उन्हें देवी की उपाधि दी थी।

हिडिम्बा देवी मंदिर का इतिहास (Hidimba Devi Temple History)

हिडिम्बा देवी मंदिर का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है। यह मंदिर माता हिडिम्बा को समर्पित है, जो भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता थी। हिडिम्बा की कुल देवी द्वारा उन्हें देवी की उपाधि दी गयी उसके बाद से ही मनाली की कुल देवी के रूप में माता हिडिम्बा को माने जाने लगा।

माता हिडिम्बा के मंदिर के इतिहास के बारे में लिखा हुआ शिलालेख

मंदिर के निर्माण के बारे में मंदिर में लगी के शिलालेख के अनुसार इस मंदिर को मनाली के राजा बहादुर सिंह ने 1553 ईस्वी में बनवाया था। हिडिम्बा को “हिरमा देवी” के रूप में भी जाना जाता है।

मंदिर की बनावट (Structure of Temple)

इस मंदिर को मनाली के राजा बहादुर सिंह ने बनवाया था। यह मंदिर “पैगोडा शैली” में बना हुआ है। यह मंदिर मनाली में बने बाकि मंदिरो से बिलकुल अलग नज़र आता है। यह मंदिर चार मंज़िला छत द्वारा बना हुआ है। जिसमे पहली तीन छत का निर्माण देवदार की लकड़ी द्वारा किया गया और सबसे ऊपरी छत का निर्माण पीतल और तांबे द्वारा किया गया है। यह मंदिर 40 मीटर ऊँचा है, जो किसी शंकु के आकर का दिखाई देता है।

मंदिर की दीवारों पर लगे जानवरो के सींघ और मंदिर को देखते हुए पर्यटक

मंदिर की दीवारों को पत्थरो द्वारा बनाया गया है और मंदिर के गेट पर बहुत से जानवरो के सींघ और कालकृति की गयी है। मंदिर की दीवारों और दरवाजो पर पुरानी शैली की नक्काशी की गयी है। मंदिर दूर से देखने पर बहुत ही सुन्दर नज़र आता है, जिसमे मंदिर की पहली छत सबसे बड़ी और सबसे आखरी छत सबसे छोटी बनायीं गयी है।

हिडिम्बा देवी मंदिर समय (Hidimba Devi Temple Timing)

हिडिम्बा देवी मंदिर में आप माता के दर्शन और यहाँ घूमने के लिए साल में कभी भी आ सकते हैं। यह मंदिर साल भर खुला रहता है और हफ्ते में सातो दिन खुलता है। आप मंदिर में माता के दर्शन सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक कर सकते हैं।

मंदिर के गर्भ गृह में होती हुयी पूजा, जिसमे मंदिर के अंदर माता हिडिम्बा के चरण चिन्हो पर रखे पत्थर को आधारभूत माना जाता है।

हिडिम्बा देवी मंदिर मेला आयोजन (Hidimba Devi Temple fair organized)

हर साल मनाली के इस मंदिर में श्रावण के महीने में एक महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन मनाली के राजा बहादुर सिंह जी की याद में कराया जाता है क्यूंकि मंदिर का निर्माण 1553 ईस्वी में बहादुर सिंह ने ही कराया था। इस महोत्सव को “बहादुर सिंह रे जातर” के नाम से जाना जाता है। यदि आप इस समय में मनाली में हैं तो आप हिडिम्बा देवी मंदिर में घूमने के लिए जरूर आये।

इस मंदिर में मई के समय में आना भी बहुत अच्छा माना जाता है क्यूंकि 14 मई को हर साल मंदिर के आस पास मेले का आयोजन किया जाता है। 14 मई के दिन को हिडिम्बा माता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस मंदिर में यहाँ के लोकल लोगो द्वारा कुछ पूजा की जाती है और बहुत सी अलग रीती-रिवाज किये जाते हैं।

हिडिम्बा देवी मंदिर आने का सबसे अच्छा समय (Best time to visit Hidimba Devi Temple)

आप अपने समय के अनुसार मनाली में कभी भी घूमने आ सकते हो। मनाली की हर सीजन में एक अलग खूबसूरती नज़र आती है। हिडिम्बा माता मंदिर की सुंदरता सबसे ज्यादा आकर्षक ठंडो के समय में लगती है। यह मंदिर ठंडो में अधिक बर्फवारी पड़ने पर बर्फ की सफ़ेद चादर से ढक जाता है और साथ में इसके चारो ओर लगे देवदार के पेड़ इसकी खूबसूरती को और बड़ा देते हैं। ठंडो में आप इस जगह बहुत सी स्नो एक्टिविटीज कर सकते हैं तो गर्मियों में यहाँ पर याक के साथ फोटो खींचना लोगो की पहली पसंद रहती है।

हिडिम्बा देवी मंदिर के पास की जाने वाली एक्टिविटी (Activities to do near Hidimba Devi Temple)

आप जब भी मनाली आएंगे तो आप यहाँ के सीजन के हिसाब से यहाँ पर अलग-अलग एक्टिविटीज कर सकते हैं। यदि आप ठंडो में यहाँ आते हो तो आप स्नो एक्टिविटीज जैसे- स्कीइंग, ATV बाइक राइड, स्नो ट्यूब राइड आदि जैसी स्नो एक्टिविटी कर सकते हैं। यदि आप गर्मियों के समय यहाँ पर आ रहे हैं तो आप रिवर राफ्टिंग जैसी एक्टिविटी कर सकते हैं।

हिडिम्बा देवी मंदिर कैसे पहुंचे? (How to reach Hidimba Devi Temple?)

हिडिम्बा देवी मंदिर हिमाचल के मनाली में स्थित है। इस मंदिर तक आप सड़कमार्ग द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। आप किन-किन साधनो द्वारा इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं और कैसे यहाँ तक आ सकते हैं अब हम उसके बारे में जानेगे…

सड़कमार्ग द्वारा कैसे पहुंचे? (How to reach by road?)

आपको इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे पहले मनाली पहुंचना होगा। आप मनाली अपने वाहन द्वारा आराम से पहुंच सकते हैं। मनाली के लिए दिल्ली से नियमित तौर पर सरकारी और प्राइवेट वॉल्वो दोनों तरह की बसे मिल जाएँगी। मनाली से आप लोकल ऑटो द्वारा मनाली के मॉल रोड आ सकते हैं और फिर वहां से पैदल 1.5 किलोमीटर चल कर आप हिडिम्बा देवी मंदिर तक पहुंच सकते हैं। आप मॉल रोड से ऑटो द्वारा भी मंदिर तक पहुंच सकते हैं, लेकिन आप इस सफर को पैदल ही पूरा करे।

रेलमार्ग द्वारा कैसे पहुंचे? (How to reach by rail?)

यदि आप हिडिम्बा देवी मंदिर ट्रेन द्वारा पहुंचना चाहते हैं तो मनाली एक पहाड़ी इलाका है जिस कारण यहाँ कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं है। मनाली के सबसे निकट रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर रेलवे स्टेशन है, जो मनाली से 147 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जोगिन्दर नगर रेलवे स्टेशन से मनाली में स्थित इस मंदिर तक की दूरी को आपको सड़क मार्ग द्वारा ही पूरा करना होगा। जिसे आप यहाँ की लोकल टैक्सी को बुक करके या शेयरिंग कैब या बसों द्वारा आसानी से पूरा कर सकते हो।

हवाईमार्ग द्वारा कैसे पहुंचे? (How to reach by flight?)

यदि आप यहाँ फ्लाइट द्वारा आना चाहते हैं तो मैं आपको बता दूँ की मनाली में कोई भी एयरपोर्ट नहीं है। मनाली के सबसे निकट एयरपोर्ट भुंतर एयरपोर्ट है, जो मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मनाली फ्लाइट द्वारा आना आसान तो रहता है लेकिन ये थोड़ा खर्चीला ज्यादा हो सकता है। भुंतर एयरपोर्ट से मनाली तक की दूरी को आप आसानी से लोकल ऑटो द्वारा पूरा कर सकते हैं।


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