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Places to visit in Mussoorie in Hindi | मसूरी की टॉप 10 जगहों की जानकारी

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उत्तराखंड का मसूरी शहर “पहाड़ो की रानी” के नाम से प्रसिद्ध है, क्यूंकि जिस प्रकार की पहाड़ो की खूबसूरती मसूरी में देखने को मिलती है वो और कहीं भी नहीं है। गर्मियों की छुट्टियां पड़ते ही लोग पहाड़ो की ओर रुख करने लगते हैं जिसमे सबसे प्रमुख मसूरी ही है।

यह उत्तराखंड के सबसे सुन्दर शहरों में से एक है इसलिए इस जगह हर सीजन में पर्यटक घूमने आते रहते हैं। हम इस ब्लॉग में मसूरी में स्थित कुछ बेस्ट जगहों (Places to visit in Mussoorie) के बारे में जानेंगे। जिससे आप जब भी मसूरी आये तो इन जगहों को अपने ट्रिप में शामिल कर सके।

मसूरी कहाँ है? (Where is Mussoorie?)

पहाड़ो की रानी के नाम से प्रसिद्ध मसूरी उत्तराखंड का एक बहुत ही सुन्दर शहर है। यह भारत के उत्तराखंड राज्ये में स्थित है। मसूरी 6600 फिट की ऊंचाई पर स्थित है जिसकी खूबसूरती की वजह से लोग यहाँ बार-बार आते हैं। यह उत्तराखंड के मुख्य शहर देहरादून से 35 किलोमीटर, ऋषिकेश से 80 किलोमीटर और हरिद्वार से 86 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

मसूरी की टॉप 10 जगहें (Top 10 places to visit in Mussoorie)

वैसे तो मसूरी में बहुत सी जगहें हैं जो बेहद खूबसूरत हैं। हम उन्ही जगहों में से कुछ बेस्ट प्लेसेस के बारे में जानेगे। जिससे आपको अपनी ट्रिप की प्लानिंग करने में सहायता मिले। तो आईये जानते हैं मसूरी की कुछ बेस्ट जगहों के बारे में…

कॉर्न विलेज (सैंजी गांव) (Corn village & Sainji village)

  • स्थान : सैंजी गांव (कॉर्न विलेज)
  • प्रसिद्ध : अनोखी भुन्टो की सजावट और होम स्टे
  • पता : मसूरी से 18 किलोमीटर
  • कैसे पहुंचे : मसूरी से प्राइवेट टैक्सी या शेयरिंग जीप द्वारा

मसूरी के सबसे सुन्दर गांव में से एक सैंजी गांव अपनी एक अलग खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यह गांव मसूरी में रुकने के लिए एक परफेक्ट जगह है। यह गांव अपनी एक अलग तरह की गतिविधि के लिए जाना जाता है और उसी वजह से यह गांव इतना प्रसिद्ध है। असल में इस गांव के लोगो द्वारा अपने घर के बाहर भुन्टो को धुप में सूखने के लिए टांग दिया जाता है। इस गांव में हर एक घर के आगे भुन्टो को लोगो द्वारा टांग दिया जाता है। जिस वजह से इसे कॉर्न विलेज के नाम से भी जाना जाता है।

घर के बाहर खेलते हुए बच्चे और घर के बाहर टंगे हुए कॉर्न (भुंट्टे) जिस वजह से इस गांव को कॉर्न विलेज के नाम से भी जानते हैं।

यह गांव अधिक सुन्दर होने के कारण पर्यटक यहाँ घूमने आते हैं। अब यह गांव गेस्ट हाउस और होम स्टे के लिए भी बहुत अधिक फेमस हो रहा है। मसूरी में रुकने के लिए सैंजी गांव प्रमुख स्थानों में से एक है। यदि आप मसूरी आते हैं तो आपको सैंजी गांव में एक दिन रुकना चाहिए। यहाँ आपको पारम्पारिक पहाड़ी खाना मिलेगा जो बहुत ही स्वादिष्ट होता है।

लंढौर मसूरी (Landour Mussoorie)

  • स्थान : लंढौर मसूरी
  • प्रसिद्ध : शांत वातावरण, ब्रिटिश इमारते और खूबसूरत चर्च
  • पता : मसूरी से 5.5 किलोमीटर पर
  • कैसे पहुंचे : आप मसूरी के चार दूकान क्षेत्र से लंढौर पैदल जा सकते हैं जिसमें आपको लगभग 40 मिनट का समय लग सकता है। आप यहाँ से प्राइवेट गाड़ी द्वारा भी लंढौर पहुंच सकते हैं।

मसूरी में बहुत सी ऐसी जगह हैं जो बहुत अधिक फेमस हैं, जिस वजह से यहाँ पर्यटकों की बहुत अधिक भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में मसूरी से लगभग 5.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लंढौर बहुत अधिक सुन्दर और शांत क्षेत्र है। यहाँ आपको शांत वातावरण और खूबसूरत मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं। आप लंढौर में जब भी विजिट करे तो एक दूरबीन अपने साथ जरूर रखे। यहाँ से दिखने वाली हिमालयन रेंज की पर्वतमाला बहुत अधिक सुन्दर दिखाई पड़ती है।

लंढौर का नाम ब्रिटिश अफसर ने किसी ब्रिटिश क्षेत्र के नाम पर रखा था। यहाँ आपको बहुत ही खूबसूरत चर्च, ब्रिटिश ज़माने की इमारते और सैनिक छावनी देखने को मिल जाएगी। यह जगह मसूरी से केवल 5.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तो आप इस दूरी को पैदल भी पूरा कर सकते हैं जिसमे आपको कम से कम 40 मिनट का समय लगेगा। पैदल दूरी तय करने से आप यहाँ की खूबसूरती को पास से देख और महसूस कर सकते हैं। यह पूरा एरिया देवदार के पेड़ो से घिरा हुआ जो लंढौर की खूबसूरती में चार चाँद लगा देता है।

गन हिल पॉइंट (Gun Hill Point)

  • स्थान : गन हिल पॉइंट मसूरी
  • प्रसिद्ध : खूबसूरत हिमालयन रेंज के पहाड़
  • पता : मसूरी मॉल रोड से 2 किलोमीटर दूर
  • कैसे पहुंचे : गन हिल मसूरी के मॉल रोड से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस हिल पॉइंट तक आप रोपवे की सहायता से पहुंच सकते हैं। जिसका किराया 180 रुपये राउंड होता है। साथ ही आप इस दूरी को पैदल भी पूरा कर सकते हैं।

मसूरी के मॉल रोड से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर मसूरी की दूसरी सबसे ऊँची चोटी गन हिल है। आज़ादी से पहले इस चोटी से दोपहर में एक गोली चलाई जाती थी जिससे यहाँ के लोग अपनी घड़ी को ठीक किया करते थे। चोटी से गोली चलने की वजह से इस जगह का नाम गन हिल रखा गया। इस चोटी से दिखने वाले हिमालयन रेंज के पहाड़ जैसे बंदरपंच, श्रीकांता, गंगोत्री आदि बहुत ही सुन्दर दिखते है और यह चोटी इसी वजह से बहुत अधिक प्रसिद्ध है।

गन हिल रोपवे से दिखता हुआ मसूरी का खूबसूरत दृश्य और पहाड़ियां।

गन हिल पॉइंट तक आप मॉल रोड से पैदल चढ़ाई शुरू कर सकते हैं। यदि आप यहाँ तक रोपवे की सहायता से पहुंचना चाहते हैं तो यह सुविधा भी मौजूद है। जिसका किराया 180 रुपये राउंड होता है। आप गन हिल तक घुड़सबारी द्वारा भी पहुंच सकते हैं। गन हिल पर जाने का सबसे अच्छा समय शाम का और सुबह में है। इस समय में यहाँ से होता हुआ सूर्योदय और सूर्योस्त दोनों बहुत ही खूबसूरत दिखाई पड़ते हैं।

झड़ीपानी वॉटरफॉल (Jharipani Waterfall)

  • स्थान : झड़ीपानी वॉटरफॉल मसूरी
  • प्रसिद्ध : वाटर एक्टिविटीज & विविध प्रकार के फूलो के लिए
  • पता : मसूरी से 9 किलोमीटर दूर
  • कैसे पहुंचे : मसूरी मॉल रोड से टैक्सी द्वारा आप आसानी से झड़ीपानी वॉटरफॉल पहुंच सकते हैं। यहाँ से झड़ीपानी वॉटरफॉल की दूरी 7 किलोमीटर है जिसे आप 20 मिनट में पूरा कर सकते हैं। आप इस झरने तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर का ट्रेक भी कर सकते हैं जो MDDA पार्क से शुरू होता है।

मसूरी में बहुत से वाटरफॉल्स हैं, जिनमे से एक है “झड़ीपानी वॉटरफॉल” जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और अपने सुन्दर से ट्रेक के लिए जाना जाता है। यदि आप ट्रेक लवर हो तो आपको मसूरी में झड़ीपानी वॉटरफॉल तक का सफर जरूर तय करना चाहिए। यहाँ से दिखने वाली शिवालिक रेंज बहुत ही सुन्दर दिखाई पड़ती है। साथ ही आपको यहाँ पर विवध प्रकार के फूल देखने को मिल जायेंगे, जो आपने इससे पहले कभी नहीं देखे होंगे।

यह वॉटरफॉल अपनी सुंदरता और यहाँ पर की जाने वाली एक्टिविटीज के लिए बहुत अधिक प्रसिद्ध है। यहाँ तक पहुंचने के लिए आप मॉल रोड से टैक्सी बुक कर सकते हैं या फिर आप अपनी गाड़ी द्वारा भी आ सकते हैं। यदि आपको पहाड़ो पर ट्रेकिंग करना पसंद है तो आप इस वॉटरफॉल तक ट्रेक करके भी पहुंच सकते हैं, जो MDDA पार्क से शुरू होता है और इसे करने में आपको लगभग 3 से 4 घंटे लग सकते हैं।

सुरकंडा देवी मंदिर (Surkanda Devi Mandir)

  • स्थान : सुरकंडा देवी मंदिर
  • प्रसिद्ध : माता के शक्ति पीठ और मंदिर से दिखने वाली चार धाम की चोटी
  • पता : कणातल में कद्दूखाल से 3 किलोमीटर धनौल्टी मसूरी
  • कैसे पहुंचे : देहरादून से सुबह में 6 बजे सीधे बस कद्दूखाल के लिए मिल जाएगी जो धनौल्टी के लिए जाती है। या आप देहरादून से प्राइवेट टैक्सी या शेयरिंग कैब की सहायता से भी कद्दूखाल तक पहुंच सकते हैं। वहां से रोपवे या पैदल ट्रेक करके आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं। रोपवे का किराया 210 रुपये है।

यदि आप मसूरी में किसी ऐसी जगह की तलाश में हों जो धार्मिक और शांत वातावरण से भरी हुयी हो तो आपको सुरकंडा देवी मंदिर जाना चाहिए। सुरकंडा देवी मंदिर माता के शक्ति पीठो में से है। यह मंदिर यहाँ से दिखने वाले मनोरम सुन्दर हिमालयी पहाड़ और घाटियों के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर से उत्तराखंड में स्थित चार धाम मंदिर के पहाड़ो को चोटियां दिखाई देती हैं। इस मंदिर में आपको शांत वातावरण और धार्मिक वातावरण का एक बहुत ही सुन्दर मिश्रण देखने को मिलता है।

माता सती का शक्ति पीठ जिसे सुरकंडा देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस जगह माता सती का सिर गिरा था जिस कारण इसे सुरकंडा के नाम से जाना जाता है।

इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आप रोपवे का सहारा ले सकते हैं या फिर आप इस मंदिर तक पैदल ट्रेक करके भी पहुंच सकते हैं। मंदिर तक का ट्रेकिंग मार्ग थोड़ा कठिन है क्यूंकि यहाँ आपको एक दम से खड़ी चढ़ाई चढ़नी होती है साथ ही मंदिर का रास्ता जंगल से होकर जाता है। मसूरी में घूमने के लिए और एक अच्छे वातावरण को महसूस करने के लिए आपको सुरकंडा देवी मंदिर जाना चाहिए।

देवलसारी मंदिर (Dewalsari Mandir)

  • स्थान : देवलसारी मंदिर
  • प्रसिद्ध : शांत वातावरण और सुन्दर देवदार के जंगल के लिए
  • पता : मसूरी से 97 किलोमीटर दूर
  • कैसे पहुंचे : आप मसूरी से बाइक रेंट पर लेकर या फिर प्राइवेट गाड़ी बुक करके आसानी से देवलसारी मंदिर पहुंच सकते हैं। कोशिश यही करे की या तो आप अपनी गाड़ी से यहाँ पर आये या फिर किसी प्राइवेट गाड़ी को बुक करके आये।

यदि आपको उत्तराखंड के पहाड़ो के जंगल को और उनकी सुंदरता को पास से देखना है तो आपको देवलसारी मंदिर आना चाहिए। यह मंदिर मसूरी के देवलसारी रेंज में स्थित है। जो थत्यूड़ गांव से 7 किलोमीटर दूर घने देवदार के पेड़ो के जंगल के बीच स्थित है। इस मंदिर की एक बहुत ही सुन्दर कहानी और इतिहास है, जिसे हम अपने पिछले ब्लॉग में बता चुके हैं। मंदिर की पूरी जानकारी के लिए हमारे पिछले ब्लॉग को पढ़े।

देवदार के पेड़ो के बीच स्थित भगवान शिव का एक अलौकिक शिव मंदिर जिसे देवलसारी मंदिर या कोणेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।

यह मंदिर देवदार के पेड़ो के बीच स्थित है। जो साल में सिर्फ दो बार ही खुलता है बाकि समय यह मंदिर बंद रहता है। तो यदि आप इस मंदिर में आते हो तो आप इस मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर सकते हो। जिस जगह यह मंदिर स्थित है यहाँ आपको बहुत से प्रकार की तितलियाँ देखने को मिल जाएँगी। जो शायद आपने आज से पहले नहीं देखी होंगी। तो आप अपनी मसूरी की ट्रिप में देवलसारी मंदिर को शामिल कर सकते हो।

केम्पटी फॉल (Kempty Fall)

  • स्थान : केम्पटी फॉल
  • प्रसिद्ध : पिकनिक & स्विमिंग साइट
  • पता : राम गांव, मसूरी से 15 किलोमीटर दूर
  • कैसे पहुंचे : मसूरी से सुबह में 10:30 बजे बस सीधे केम्पटी फॉल के लिए मिलती है। यदि आपकी बस छूट जाती है तो आप मसूरी से प्राइवेट गाड़ी बुक करके केम्पटी फॉल पहुंच सकते हैं लेकिन ये थोड़ा खर्चीला हो सकता है।

मसूरी के ट्रिप के दौरान हर कोई केम्पटी फॉल जरूर जाना चाहता है। यदि आप गर्मियों में मसूरी घूमने आये हैं तो आपको केम्पटी फॉल जरूर जाना चाहिए। यह एक ऐसी जगह है जो ब्रिटिश समय से लेकर अभी तक लोगो के बीच आकर्षण का केंद्र है। इस जगह का नाम ब्रिटिश अधिकारीयों की वजह से ही पड़ा क्यूंकि उनके द्वारा इस जगह पर टी पार्टी का आयोजन किया जाता था। यह जगह फैमिली के साथ पिकनिक मानाने के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है

पहाड़ से गिरता हुआ झरना जिसे केम्पटी फॉल के नाम से जाना जाता है। इसका नाम ब्रिटिश अफसरों द्वारा यहाँ पर की जाने वाली टी पार्टी की वजह से पड़ा।

यहाँ तक पहुंचने के लिए आप मसूरी से केम्पटी फॉल के लिए सुबह में 10:30 बजे वाली बस ले सकते हैं। यह वॉटरफॉल अपनी कभी न हटने वाली सुंदरता के लिए जाना जाता है। अधिकतर लोगो का मानना है की यदि मसूरी की ट्रिप में आप केम्पटी फॉल नहीं गए तो ये ट्रिप अधूरी सी रहती है। तो आप अपनी मसूरी की ट्रिप में केम्पटी फॉल को जरूर शामिल करे।

लाल टिब्बा लंढौर मसूरी (Lal Tibba Landour Mussoorie)

  • स्थान : लाल टिब्बा
  • प्रसिद्ध : टेलिस्कोप हाउस में लगा टेलिस्कोप और सुन्दर हिमालयी पहाड़
  • पता : मसूरी मॉल रोड से 5.5 किलोमीटर की दूरी पर
  • कैसे पहुंचे : मसूरी मॉल रोड से आप 5.5 किलोमीटर का ट्रेक करके आसानी से चोटी पर पहुंच सकते हैं। यहाँ तक पहुंचने के लिए आपको कुछ किलोमीटर का ट्रेक करना होगा।

मसूरी में लाल पहाड़ से महसूर “लाल टिब्बा” अपना एक अलग महत्व रखता है। वैसे तो यहाँ बनी सैनिक छावनी की वजह से यह थोड़ा रिस्ट्रिक्टेड एरिया है। यह मसूरी की सबसे ऊँची चोटी है, जिस वजह से आपको यहाँ से दूर हिमालयी रेंज के पहाड़ बहुत सुन्दर दिखाई पड़ते हैं। लाल टिब्बा पर बने टेलिस्कोप हाउस में टेलिस्कोप से देखने पर आपको केदारनाथ, बद्रीनाथ और बंदरपूछ जैसे पहाड़ बहुत ही सुन्दर दिखाई पड़ते हैं।

लाल टिब्बा का शुल्क 50 रुपये है और यह सुबह 6 बजे खुल जाता है और शाम 6 बजे तक खुला रहता है। इस चोटी से सबसे मनमोहक दृश्य आपको सुबह में और शाम में देखने को मिलता है। सुबह में होता हुआ सूर्योदय और शाम में होता हुआ सूर्योस्त बहुत ही सुन्दर और अकल्पनीय लगता है। तो अपनी ट्रिप में लाल टिब्बे को जरूर शामिल करे।

दलाई हिल्स (बुद्धा पॉइंट) (Dalai Hills)

  • स्थान : दलाई हिल्स
  • प्रसिद्ध : बौद्ध मंदिर, पिकनिक और कैंपिंग
  • पता : मसूरी लाइब्रेरी चौक से 3.5 किलोमीटर
  • कैसे पहुंचे : आप मसूरी के लाइब्रेरी चौक से प्राइवेट टैक्सी बुक करके या फिर शेयरिंग जीप की सहायता से आसानी से दलाई हिल्स पहुंच सकते हैं। दलाई हिल्स हैप्पी वैली में स्थित है।

मसूरी में तिब्बती खूबसूरती और कल्चर को देखने के लिए आपको “दलाई हिल्स” जाना चाहिए। यह स्थान तिब्बती कल्चर और बौद्ध मंदिर और मूर्तियों के लिए जाना जाता है। इस स्थान को तिब्बती प्रार्थना झंडो से सजाया गया है, जो देखने में बहुत अधिक सुन्दर लगता है।

दलाई हिल्स में स्थित लार्ड बुद्धा की मूर्ति। दलाई हिल्स places to visit in Mussoorie में से एक है।

यह जगह उन लोगो के लिए बहुत खास है जो नए कल्चर को जानना चाहते हैं। यह जगह पूर्ण रूप से शांत और ध्यान केंद्रित करने के लिए बहुत अधिक खास मानी जाती है। तो कुछ अलग और अद्धभुत महसूस करने के लिए आपको दलाई हिल्स आना चाहिए।

जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस मसूरी (George Everest House Mussoorie)

  • स्थान : जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस
  • प्रसिद्ध : कैंपिंग, पिकनिक
  • पता : मसूरी के गाँधी चौक से 6 किलोमीटर
  • कैसे पहुंचे : आप मसूरी के गाँधी चौक से बाइक रेंट पर लेकर या फिर प्राइवेट गाड़ी बुक करके आप आसानी से जॉर्ज एवेरस्ट तक पहुंच सकते हैं।

यह मसूरी में स्थित एक और बहुत ही सुन्दर जगह है। हिलेरी और तेनज़िंग ने सर जॉर्ज को श्रद्धांजलि देते हुए इस जगह का नाम जॉर्ज एवेरेस्ट रखा था। हिलेरी और तेनज़िंग पहले सफल व्यक्ति थे जिन्होंने एवेरेस्ट पर चढ़ाई की थी और जॉर्ज भारत के सर्वेयर जनरल थे और इस जगह उनका घर और प्रयोगशाला थी।

अब इस समय यह जगह मसूरी के पास होने के कारण लोगो के बीच पिकनिक मानाने और ट्रेकिंग के लिए बहुत अधिक जानी जाती है। यह जगह सुबह 9 बजे खुल जाती है और शाम में 6 बजे बंद कर दी जाती है तो आप इसी हिसाब से यहाँ आने का प्लान करे।


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